बचपन से समाज सेवा की भावना लिए प्रखर पत्रकार श्रीनाथ सिंह कहते है अपनी मिटटी अपनी धरती का उत्थान करने का बहुत बड़ा जरिया विधायकी है तो वो मैं लड़ूंगा चुनाव .चुकी एक पत्रकार और शिक्षा विद होने केनाते तो मैं समाज को जग ही रहा हूँ .लेकिन संसाधन के माध्यम से उत्थान भी करना है .मैं जिस मिटटी में खेल कूदा बड़ा हुआ हूँ,वो धरती मुझे पुकारती है ललकारती है.सड़के गालिया ,नाले -नालिया बिजली -पानी के लिए तरसरहे मेरे लोग मुझसे अपेछा करते है की श्री-नाथ कुछ करेगा.इसके लिए माननीय मुलायम सिंह यादव ( नेता जी) ने मुझे मौखिक आदेश दिया है.मुझे बदलना है अपनी धरती की सूरत
''उपकार का अमृत पीना है
हर एक जख्मो को सीना है
अपना जीना जी लिए बहुत
अब देश के खातिर जीना है''
एक पत्रकार हूँ शिछक हूँ लोगो का भरपूर स्नेह मुझे मिल रहा है और मिलेगा.जो मेरे पास व्यवस्थाये रही है जो मुझे आता है लोगो के काम आया है.हमसे और हमारे विचारो से लोग परिचित है.आज समाज को जाती-पाती केनाम पर तोड़कर राजनीती करने वालो की कमी नहीं.लेकिन आज की जनता जाग चुकी है .उन्हें भले बुरे की समझ आ गयी है.हम अवसरवादियों को जवाब देंगे ,जरूर देंगे .












