Sunday, 31 May 2015

बॉलीवुड के सबसे बडे सेक्स स्कैंडल्स

 बॉलीवुड में स्कैंडल्स की चर्चा हमेशा ही बनी रहती है पर कुछ स्कैंडल ऐसे रहे जो बॉलीवुड में सबसे ज्यादा कंट्रोवर्सियल रहा। ऐसे ही कुछ सेक्स स्कैंडल से आपको रू-ब-रू करवाते है।

बिपाशा व अमर सिंह
2011 में बिपाशा व राजनीतिज्ञ अमर सिंह की ‘ नॉटी टॉक ‘ टेप सबसे ज्यादा चर्चा में रहना वाला कंट्रोसियिल साबित हुआ। दरअसल इंटरनेट पर एक ‘ नॉटी टॉक ‘ वाला टेप मिला जिसमें बिपाशा व अमर सिंह की डर्टी बातचीत सामने आई थी। अमरसिंह और बंगाली बाला बिपाशा की बातचीत के मुख्यत अंश
बिपाशा – हैलो, अमरसिंहजी, कैसे हैं आप। हम काफी लंबे समय के बाद बात कर रहे हैं, आप काफी व्यस्त थे क्या? मैंने एक अवॉर्ड फंक्शन में आपको दो बार देखा था। फिर कब मिल रहे हैं आप?
अमरसिंह – मैं अच्छा हूँ और वाकई काफी व्यस्त था। लेकिन मैं मिलता हूँ कभी न कभी। कहाँ मिलना चाहती हो? तुमने मुझे याद रखा इसके लिए बहुत धन्यवाद।





बिपाशा- मैं तो हमेशा आपको याद करती हूं, जवाब में अमरसिंह हँसते हुए सवाल करते हैं कि मेरे जैसे बूढ़े आदमी को याद करती हो? बिपाशा कहती हैं कि मुझे नहीं लगता कि उम्र से कुछ फर्क पड़ता है और फिर सवाल करती हैं- कुछ फर्क पड़ता है क्या?
अमरसिंह -टांगों के बीच तो फर्क पड़ता ही है। इस पर ‍बिपाशा जोर का ठहाका लगाती हैं और कहती हैं कि आप वक्त निकालने की कोशिश कीजिए। एक महीना हो गया है, हम नहीं मिले हैं। शाइनी आहूजा रेप केस

अभिनेता शाइनी आहूजा की नौकरानी ने उन पर बलात्कार का आरोप लगाया था। शाइनी का कहना था कि नौकरानी के साथ उन्होंने उसकी इच्छा से शारीरिक संबंध बनाये थे, जिसे बाद में बलात्कार का नाम दे दिया गया। डी.एन.ए टेस्ट के जरिये बलात्कार की बात साबित हुई थी। इस घटना से शाइनी आहूजा को जेल की हवा खानी पडी साथ ही उनका कैरियर भी खत्म हो गया । शक्ति कपूर का स्टिंग ऑपरेशन

बॉलीवुड के बैडमैन शक्तिकपूर का बैड चरित्र तब सामने आया था, जब उन्होनें नयी अभिनेत्री को यह कहा कि अगर तुम्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक बडी हीरोइन बनना चाहती हो तो, तो मेरे साथ सेक्स करना पडेगा। मधुर भंडारकर-प्रीति जैन

निर्देशक मधुर भंडारकर पर अभिनेत्री प्रीति जैन ने यह आरोप लगाया था कि रोल देने के एवज में मधुर ने उसका यौन शोषण किया. मधुर ने वर्ष 2000 से 2003 तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाये और शादी का झांसा दिया। हालांकि बाद में जब प्रीति को गिरफ्तार किया गया और यह पता चला कि उसने मधुर की हत्या के लिए सुपारी दी थी. अस्मित पटेल और रिया सेन

अस्मित पटेल को बॉलीवुड में सबसे ज्यादा पहचान एम.एम.एस ने दिलायी। इस एमएमएस में अस्मित अपनी गर्लफ्रेंड रिया सेन के साथ किस करते नजर आये व दोनों के बहुत से आपत्तिजनक दृश्य को भी दिखाया गया। पायल रोहतांगी-दिबाकर बनर्जी

पायल रोहतांगी नें फिल्म मेकर दिबाकर बनर्जी पर इलज़ाम लगाया गया अपनी अगली फिल्म शंघाई में रोल देने के लिए उन्होनें पायल को उनके साथ शारीरिक सबंध बनाने को कहा। 

जैकलीन ने ठुकराया पंजाबी गाने का प्रस्ताव

 जैकलीन  के गाने   चीटिया  कलैया  की  सफलता  को  देखते  हुए  एक  पंजाबी  फिल्म  के  निर्माता   ने  उन्हें  अपनी  फिल्म  में एक   स्पेशल  गाने  के  लिए  अप्रोच  करना  चाहा  उनका  मानना  है की   जैकलीन  के  परफॉरमेंस,  लोगो  को  अपनी   और
 आकर्षित  करते  हैं  और  यह  बात  उनकी  फिल्म  के  लिए  अच्छी  साबित होगी   क्युकी   उनकी  फिल्म  में  सारे नए   कलाकार नज़र आएंगे।    पर  जैकलीन  ने  इस  गाने  को  करने  से  मना  कर  दिया  क्युकी  फिल्म  के  निर्माता  इस   गाने  को   कनाडा  में शूट  करना  चाहते  थे
  नवोदित निर्देशक अमनदीप खलेर  इस  फिल्म  को   निर्देशित कर  रहे  हैं और सूत्रों  का  कहना  है  की”  इस  गाने  के  लिए  अच्छी  खासी  कीमत   दी जा रही थी “

श्रद्धा की जवानी से भरपूर मीठी आवाज फिर तहलका मचाने को तैयार

जब किसी खूबसूरत, जवान हीरोइन की आवाज भी मीठी और सेक्सी होती है तो बाॅलीवुड में उनकी डिमांड और भी ज्यादा रंग लाती है। यह बात श्रद्धा कपूर के लिए फिट बैठती है क्योंकि अपनी पिछली फिल्म ‘एक विलेन’ में श्रद्धा ने ‘गलियाँ तेरी गलियाँ ’ गाकर सिर्फ दर्शकों को ही नहीं बल्कि फिल्म मेकर्स को भी दीवाना बना दिया था, अब तो जवानी के रंग में सराबोर फिल्मों में श्रद्धा को साइन करने के लिए फिल्म मेकर्स आतुर हैं, सिर्फ यही नहीं वे यह भी चाहते हैं कि श्रद्धा एक्टिंग के साथ
-साथ उनकी फिल्मों में गाना भी गाये। श्रद्धा को भी इन आॅफर्स से इंकार नहीं लेकिन अब की बार अपनी अगली फिल्म में गाना गाने से पहले वह अपनी आवाज को और भी ज्यादा तराश लेना चाहती है इसलिए वह वायज़ माॅडयुलेशन क्लासेस लेना शुरू कर चुकी है वह म्यूजिशियन ट्रेनर सामंथा एडवर्डस से गाने की ट्रेनिंग ले रही है जिन्होंने प्रियंका चोपड़ा को भी ट्रेन किया था। पाठकों को याद दिला दूं कि श्रद्धा के ननिहाल की तरफ के कई लोग महान गायक गायिकायें हैं जैसे लता मंगेशकर, आशा भोंसले, उषा मंगेशकर, हृदयनाथ मंगेशकर यहां तक की मौसी पद्मिनी कोल्हापुरे भी अच्छी गाती रही, अब श्रद्धा को फिर से उनकी आने वाली फिल्म (जो फिल्म रॉक ऑन की सीक्वेल है) में गाते सुनेंगे।

ऐश्वर्या ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है

ऐश्वर्या राय बच्चन ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है, वह नाॅन स्टाॅप शूटिंग कर रही है, अपनी आने वाली फिल्म से वे इतनी उत्साहित है कई बार तो रात भर शूटिंग करके भी वे सुबह सवेरे फिर तैयार हो जाती है। पाँच घंटे का शूटिंग शेडयूल जब खिंचकर दस घंटे के हो जाते हैं तब भी ऐश्वर्या खुशी खुशी काम करती है। पिछले महीने ऐश्वर्या तथा अभिषेक की वेडिंग एनिवर्सरी
थी लेकिन ऐश्वर्या ने छुट्टी नहीं ली, यहां तक की उन्होंने तो किसी को कानोंकान भी यह खबर पड़ने नहीं दी कि उस दिन उनका वेडिंग एनिवर्सरी है, इस ओकेशन के लिए वहां कोई तैयारी भी नहीं थी। वे अपने काम में डूबी रही, उन चार दिनों में ऐश्वर्या ने कई कठिन एक्शन दृश्य शूट किए और कई इमोशनल दृश्य भी किए। ऐश्वर्या का उत्साह देखकर दर्शकों की बेचैनी बढ़ती जा रही है, जल्द से जल्द सब लोग ऐश्वर्या की कम बैक फिल्म देखना चाहते हैं। ऐश्वर्या ने ज्यादा से ज्यादा समय देकर काम पूरा किया क्योंकि जज्बा का ट्रेलर कान में लाँच करना था और कान में ट्रेलर लाँच कर दिया गया।

‘‘नया ट्रेंड शुरू करने के मकसद से कोई फिल्म नहीं करता..’’ – फरहान अख्तर

15 साल पहले बतौर निर्देशक फिल्म ‘दिल चाहता है’ से बाॅलीवुड में अपने कैरियर की शुरूआत करने के बाद से अब तक फरहान अख्तर कई क्षेत्रों में अपने पैर पसार चुके हैं. अब वह चर्चित अभिनेता, निर्माता , पार्श्वगायक, पटकथा लेखक, गीतकार, टीवी कार्यक्रम संचालक व समाज सेवक भी हैं. वह ‘मैन अगेंस्ट रेप एंड डिस्क्रीमिनेशन’ (एमएआरडी) नामक ‘एनजीओ’ बनाकर काम कर नारियों की सुरक्षा और समाज तथा देश में पुरूषों के समकक्ष दर्जा दिलाने के लिए काम कर रहे हैं.इसके लिए वह शहर दर शहर जाकर वहां के कालेजों में म्यूजिकल कंसर्ट करने के साथ ही काॅलेज के लड़कों से इस मुद्दे पर लंबी बातचीत कर उनके माइंड सेट को बदलने का प्रयास करते रहते हैं।

फिल्म ‘दिल चाहता है’ से अब तक सिनेमा जगत में जो बदलाव आया, उसे किस तरह देखते हैं?

यह बदलाव बहुत ही ज्यादा सकारात्मक है.यह बदलाव प्रगति का है. नई नई सोच के फिल्मकार आ रहे हैं. आज कल फिल्मों में कंटेंट पर ध्यान दिया जा रहा है. एक ही ढर्रे की फिल्में नहीं बन रही है. धीरे-धीरे फाॅर्मूला फिल्में गायब हो रही हैं. मैं यह नहीं कहूंगा कि फाॅर्मूला फिल्में नहीं बन रही है. लेकिन एक वक्त वह था, जब सिर्फ फाॅर्मूला फिल्में बन रही थी. अब वह दौर नहीं रहा. अब कंटेंट आधारित फिल्में सफल हो रही है।
आपकी फिल्म ‘दिल चाहता है’ को 15 साल पूरे हो गए. पीछे मुड़कर देखते हैं, तो क्या अहसास होता है?

सच..मुझे तो पता ही नहीं चला. समय कितनी तेजी से भागता है. मैंने अपने कैरियर की शुरूआत बतौर निर्देशक ‘दिल चाहता है’ से किया था. उसके बाद मैंने निर्माता, निर्देशक व अभिनेता के रूप में काफी काम किया. मैंने 5 फिल्में निर्देशित की.करबीन 12 फिल्मों में अभिनय किया और 12 फिल्मों का निर्माण किया. पर यह फिल्म मेरे लिए हमेशा यादगार फिल्म रहेगी. कुल मिलाकर मेरे लिए 15 वर्ष की यह यात्रा काफी उत्साहवर्धक रहा।

कहा जाता है कि ‘भाग मिल्खा भाग’ से आपने बायोपिक फिल्मों का एक ट्रेंड शुरू किया?

मैं कभी भी किसी भी फिल्म में यह सोचकर काम नहीं करता कि एक नया ट्रेंड शुरू करूं. मैं हमेशा कुछ नया और रोचक काम करना चाहता हूं. दूसरी बात मुझसे पहले इरफान ने बायोपिक फिल्म ‘पानसिंह तोमर’ की थी. पर यह सच हैं कि ‘भाग मिल्खा भाग’ को मिली सफलता के बाद तमाम फिल्मकारों ने बायोपिक फिल्में बनाना शुरू किया है. मुझे लगता है कि यह एक अच्छा ट्रेंड है. कम से कम हमारे लोगों को देश के लिए कुछ बेहतरीन काम कर चुके लोगों के बारे में जानने का मौका तो मिलेगा।
‘भाग मिल्खा भाग’ को बाॅक्स आॅफिस सफलता मिली. आपके अभिनय को न सिर्फ सराहा गया बल्कि इस फिल्म के लिए आपको सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के कई पुरस्कार भी मिले. उसके बाद आपके पास फिल्मों की कतार लग जानी चाहिए थी?

आपको लगता है कि मेरे पास फिल्मों के आॅफर नहीं आए होंगे? मेरे पास बहुत अॅाफर आए. पर मैं उन कलाकारों में से नहीं हूं, जो एक साथ कई फिल्में करते हों. काम को लेकर मैं बहुत चूजी हूं. मैं कम मगर अच्छा काम करना चाहता हूं. इसकी एक वजह यह भी हैं कि मैं फिल्मों में काम करने के अलावा दूसरे काम भी करते रहना चाहता हू. मैं सामाजिक मुद्दों के लिए भी काम करना पसंद करता हूं. कुछ समय पहले मुझे ‘युनाइटेड नेशन’ ने ‘ही फाॅर शी’ कैम्पेन के लिए ब्रांड अम्बैसंडर चुना है।

आप एक एनजीओ मर्द (मैन अगेंस्ट रेप एंड डिस्क्रीमिनेशन) के साथ जुड़े हुए हैं. क्या इसके साथ जो काम शुरू किया था, वह बंद कर दिया?

यह एनजीओ चलता रहेगा. यह मेरा ‘लाइफ टाइम कमिटमेंट’ है. इसलिए बंद कभी नहीं होगा.अब तो यह सोशियल मीडिया पर बहुत एक्टिव हैं.इसका बहुत अच्छा रिस्पाँस मिल रहा है. हम इसके उत्सव काॅलेजों में करते हैं. विद्यार्थियों के बीच जाकर उनसे बात करते हैं. यह सिलसिला सदैव चलता रहेगा. बारिश के मौसम में गति धीमी पड़ जाती है. बारिश के बाद काॅलेज फेस्टिवल में ज्यादा जाता हूँ. मैं अतीत में मुंबई ही नहीं दिल्ली, बैंगलोर, इंदौर सहित कई शहरों के काॅलेजों में गया. मैंने हमेशा विद्यार्थियों के साथ बातचीत की. यह जो विद्यार्थी हैं, युवा पीढ़ी है, इन्हीं को जगाना पड़ेगा.तभी बदलाव आएगा. भविष्य के ओपीनियन मेकर यह विद्यार्थी ही है. 2014 में मैं राँची, बंगलोर, कोचीन, बेलगाम, हैदराबाद सहित कई शहरों में गया. इन शहरों के कालेजों में हमने ‘एम ए आर डी’ के तहत ही अपने ‘फरहान लाइव’ बैंड का म्यूजिकल कंसर्ट भी किया. जब हमने इस एनजीओ के लिए आईआईटी खड़गपुर में म्यूजिकल कंसर्ट किया. तो उस वक्त वहां के छात्रों से मेरी लंबी बातचीत हुई. हमारे एन जी ओ ‘एम ए आर डी’ को समाज के हर क्षेत्र की बड़ी बड़ी शख्सियत का समर्थन मिल रहा है. ‘एम ए आर डी’ के साथ तो कई विदेशी हस्तियां भी जुड़ रही हैं.जिनमें इमा वाॅटस्न, मिचाइल बोलटन, और शफाकत अली का समावेश है।
फिल्म के अंदर धूम्रपान के दृश्य आने पर जिस तरह से ‘एंटी स्मोकिंग’की चेतावनी लिखी जाती है,उसको लेकर आप काफी नाराज रहते हैं?

जिस दिन से सेंसर बोर्ड ने निर्देश जारी किया था कि जब भी फिल्म में स्मोकिंग का सीन आए,तो उस जगह परदे पर एंटीस्मोकिंग की चेतावनी वाली लाइन जानी चाहिए,तभी से मैं इसके खिलाफ हूं.तब से मैं इसके खिलाफ आवाज उठाता आ रहा हूं. क्योंकि यह रचनात्मकता में दखलंदाजी है.इस तरह का रिमार्क परदे पर आते ही दर्शक का कहानी से ध्यान भंग हो जाता है.हमारी नजर में ‘स्मोकिंग’बड़ा मुद्दा है.हम भी चाहते हैं कि युवा वर्ग स्मोकिंग से दूर रहे.पर इसके लिए हमें नए तरह से कैम्पेन चलाना होगा.मैं फिल्म की शुरूआत में इस तरह के कैम्पेन को डालने के पक्ष में हू।

चूजी होने की वजह से ही 2014 की शुरूआत में ‘शादी के साइड इफेक्टस’ रिलीज हुई थी. उसके बाद कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई?

मगर 2014 में मैंने सबसे ज्यादा काम किया.2014 मेरे लिए सीखने वाला अनुभव रहा.मैंने एक तरफ ‘दिल धड़कने दो’और ‘वजीर’ फिल्मों की शूटिंग की. वहीं अपने म्यूजिकल बैंड ‘फरहान लाइव’ के साथ बेलगाम, कोचीन, बैंगलोर, हैदराबाद, रांची सहित कई शहरों के काॅलेजों में जाकर कार्यक्रम किए. यह सारे कार्यक्रम मेरे ‘एम ए आर डी मुहिम का हिस्सा रहे. जहाँ तक मेरी जानकारी है, अब तक कोई भी कलाकार मेरी तरह बी क्लास शहरों में नहीं गया।
बतौर निर्माता 2015 में आपकी कौन सी फिल्में आने वाली हैं?

हमारी कंपनी की ‘दिल धड़कने दो’, ‘बंगिस्तान’, ‘वजीर’ फिल्में रिलीज होगी. जबकि इसी साल हम बतौर निर्माता ‘राॅक आॅन 2’ और ‘रईस’ की भी शूटिंग शुरू करने वाले हैं।
इन दिनों किन फिल्मों पर काम कर रहे हैं?

इन दिनों बतौर अभिनेता काफी व्यस्त हूं. इस साल मेरी दो फिल्में ‘दिल धड़कने दो’ और ‘वजीर’ रिलीज होंगी. ‘दिल धड़कने दो’ का निर्देशन मेरी बहन जोया अख्तर ने किया है, जिसमें मेरे साथ दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, अनुष्का शर्मा, रणवीर सिंह, अनिल कपूर, जरीना वहाब, रिद्धिमा सूद भी हैं. तो वहीं मैंने फिल्म ‘वजीर’ में अमिताभ बच्चन के साथ काम किया है. इसके अलावा हम अपनी होम प्रोडक्शन कंपनी के तहत फिल्म ‘राॅक आॅन’ का सिक्वअल ‘राॅक आॅन 2’ की भी शूटिंग शुरू करने वाले हैं।

फिल्म ‘वजीर’ में मैंने एटीएस आॅफिसर का किरदार निभाया है. जिसके लिए मैंने अपने आपको काफी कुछ बदला है. इसमें आपको मेरा नया लुक नजर आएगा. इससे पहले मैंने इसी तरह अपने आपको बदलने की कोशिश फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में की थी।

फिल्म ‘वजीर’ के ट्रेलर का क्या रिस्पांस मिल रहा है?

जो सोचा था,उससे कहीं ज्यादा बहेतरी रिस्पाँस मिल रहा है. हमारे  ट्रेलर को देखकर तमाम दिग्गज पुलिस अफसरों ने भी तारीफ की है. सबसे बड़ी बात यह है कि मेरे सबसे बडे़ आलोचक मेरे पिता जावेद अख्तर ने भी मेरी प्रशंसा की है.आपको पता है कि मेरे पिता ने कई फिल्मों में पुलिस अफसरों के यादगार चरित्र अपने पेन से लिखे थे.यदि ऐसा इंसान मेरी तारीफ कर रहा है,तो यह मेरे लिए गर्व की बात है।
आपके पिता जावेद अख्तर का आपकी जिंदगी में क्या भूमिका है?

वह मेरी जिंदगी में मजबूत आधार हैं. वह हर गाना बेहतर लिखने का ही प्रयास करते थे.यदि उनका गीत किसी इंसान को पसंद आ जाए, तो भी वह उसे और बेहतर बनाने का प्रयास करते थे.मुझे उनकी इस कार्यपद्धति ने काफी प्रभावित किया. मैंने उनसे सीखा कि जब तक आप कोई काम सही ढंग से पूरा ना कर लें,उसे सही बनाते रहने का प्रयास करते रहना चाहिए. मैं अपने जोक्स को भी बार बार रिपीट करता हूं।
आप लेखक, निर्देशक, गायक व अभिनेता हैं. तो जब आप अभिनेता के तौर पर व्यस्त रहते हैं, तो बाकी चीजें पीछे नहीं रह जाती?

जब मैं अभिनय करता हूं, उस वक्त मैं निर्देशन या गायन के बारे में नहीं सोचता. जब मैं निर्देशन करूंगा, तब मैं गायन या अभिनय के बारेे में नहीं सोचूंगा. जब मैं स्टेज पर गाना गाता हूं, तो अभिनय या निर्देशन के बारे में नहीं सोचता. जब मैं कंप्यूटर पर कहानी लिखने बैठता हूं, तो मैं किसी अन्य चीज के बारे में नहीं सोचता. जिस पल मैं जो काम करता हूं,मेरे लिए वही जरूरी होता है।

निर्देशन में वापसी कब होगी?

मैं भी निर्देशन को ‘मिस’ कर रहा हूं और बहुत जल्द फिल्म निर्देशित करना चाहता हूँ. इतना तय है कि मैं खुद को निर्देशन में जितना कम्फर्ट महसूस करता हूँ, उतना अभिनय करते समय नहीं महसूस करता।

दूसरे निर्देषक के साथ काम करते समय आपका निर्देषक मन सलाह देने के लिए नहीं कहता?

मैं जब फिल्म निर्देशित करता हूं, उस वक्त भी मैं फिल्म के कलाकारों के साथ सिर्फ सलाह मशविरा करता हूं. तो यदि कलाकार के तौर पर मैं किसी फिल्म में अभिनय कर रहा हूं और मुझे कुछ गलत लगता है, तो मैं उस बारे में निर्देशक से बात करता हूं.इसमें कोई बुराई नहीं. हम सभी बेहतर फिल्म बनाने का ही प्रयास करते हैं।

‘राॅक आॅन’ के सीक्वल यानि कि ‘राॅक आॅन 2’ में क्या नयापन होगा?

अब इस फिल्म के किरदार काफी मैच्योर होंगे.इसका संगीत काफी समसामायिक होगा।
तो क्या आपके राॅक बैंड के म्यूजिक कंसर्ट कुछ समय के लिए बंद रहेंगे?

नहीं! मैं स्टेज पर लाइव परफाॅर्म करते हुए इंज्वाॅय करता हूं. इसके अलावा मेरी राय में हम किसी भी बात को दूसरों तक संगीत के माध्यम से जल्दी व आसानी से पहुँचा सकते हैं. म्यूजिकल कंसर्ट करते हुए मैं लोगों से पुरूष और औरत के बीच समानता की बातें करता हूं. यह काम मैं पिछले चार साल से करता आ रहा हूं. हम अभी तीन माह के टूर पर जाने वाले हैं. मुझे नहीं लगता कि इससे ‘राॅक आॅन 2’ की षूटिंग में कोई बाधा आएगी।

लेकिन जब आपने ‘राॅक आॅन’ बनायी थी.तो उस वक्त तो इसके सिक्वल की कोई योजना नहीं थी?

आपकी बात सही है. पर जैसा कि हमें अचानक लगा कि संगीत के माध्यम से हम बहुत सी बातें लोगों से आसानी से कह सकते हैं. इसलिए ‘राॅक आॅन’ के सिक्वल ‘राॅक आॅन 2’ की योजना पर काम शुरू हुआ।

तो क्या ‘दिल चाहता है’ का भी सिक्वल बनाने की सोच रहे हैं?

जी नहीं! मैं एक बार फिर आकाश, समीर और सिदार्थ के संसार में नहीं जाना चाहता.2001 में दोस्ती की यह कहानी बहुत बेहतरीन बनी थी. उस वक्त लोगों ने इसे बहुत पसंद किया था।

नौजवान कलाकारों का मसीहा आमिर खान

जब कोई आमिर खान का दिल छू लेता है तो जान लीजिए कि उसका भाग्य खुल गया है। पिछले दिनों, खासतौर पर आमिर खान के लिए आयोजित एक नवीनतम फिल्म के रशेज़ शो के दौरान आमिर को उस फिल्म का नायक अमित सांध की एक्टिंग इतनी अच्छी लगी कि बातों बातों में उन्होंने अमित को अपने घर पर लंच के लिए बुला लिया, सिर्फ यही नहीं उन्होंने उस युवा एक्टर को यह भी बताया कि फिल्म ‘काय पो चे’ में अमित ने जो एक्टिंग की थी वह भी उन्हें याद है। यह सुनकर तो अमित खुशी से झूम उठा, जिस आमिर खान को अमित बचपन से देखते देखते बड़ा हुआ है, जिस आमिर का वह सब से बड़ा फैन है वही आमिर उसकी ता
रीफ नौजवानों का मसीहा बन गया है।

ठोकरें खा-खा कर सीख रही है भोली जवानी सन्नी लियोन

भले ही सन्नी लियोन ने अतीत में एडल्ट फिल्म यानि सुपर सेक्सी फिल्मों में काम किया है और आज भी उसका सेक्स बाॅम्ब ही हिन्दी फिल्मों में भी बिकता है और इसी वजह से वह ‘ए’ लिस्ट की फिल्म में शामिल नहीं की जाती है लेकिन मन की बड़ी ही भोली है
यह इंडो कैनेडियन एक्टर और हमारे हिन्दी फिल्मों की बड़े-बड़े अदाकारों की तरह नकचढ़ी और नखरीली भी नहीं है और ना ही बाॅलीवुड की नायिकाओं की तरह इगो का खबूर अपने नाक पर उगाये घूमती है। उनसे जब पूछा जाता है कि वह किस किस हीरो के साथ काम करना चाहती है तो बड़ी मासूमियत के साथ वह कहती है, ‘‘जो भी हीरो मेरे साथ काम करने को तैयार है, मैं उसी के साथ काम करना चाहूंगी’’ यानि उन्हें अच्छी तरह पता है कि यहां के बड़े हीरो सेक्सी फिल्मों की स्टार सन्नी के साथ काम करने को तैयार नहीं होते हैं। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें यह जानकर कैसा लगता है कि उन्हें ए क्लास की फिल्मों में बाॅलीवुड के फिल्म मेकर्स शामिल नहीं करते हैं, उनके अतीत की फिल्मों के कारण, तो सन्नी उदासी से जवाब देती है, ‘‘पता है, मन तो बहुत करता है कि ए क्लास की फिल्मों में काम करूं पर जो मिलेगा वही तो करना पड़ेगा, दुख होता है लेकिन पछतावा नहीं। बाॅलीवुड में मेरा कोई नहीं है इसलिए ठोकर खाकर सीख रही हूं।’’ क्या सन्नी के पक्ष में कोई नहीं होगा?

Friday, 29 May 2015

एल्बम 'दिल लगा के बेवफा से' कमबैक कर रहे है देव पाण्डेय

हर एक निर्देशक चाहता है की वह कुछ हटकर और सबसे अलग फिल्म दर्शको के बीच लेकर आये ताकि दर्शक उनकी फिल्म को पसंद कर सके.ऐसे ही एक निर्देशक है देव पाण्डेय जिन्होंने अपनी पहली फिल्म 'खटाईलाल -मिठाईलाल ' से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को एक अलग तरह की कॉमेडी फिल्म दी थी जिसमे सुपरस्टार रवि किशन ,मोनलीशा और विनय आनंद मुख्य भूमिका में थे .उसके बाद फिर से कॉमेडी फिल्म 'चंदू की चमेली 'बनाई और तीसरी फिल्म 'लावारिस ' बनायीं .इन तीनो फिल्म को दर्शको ने काफी सराहा लेकिन देव पाण्डेय इन सबसे कुछ और अलग करना चाहते थे जिसके लिए वे २ साल तक इंडस्ट्री से दूर रहे और अब वापस लौट कर आये है एक मजेदार एल्बम के साथ जिसका नाम है 'दिल लगा के बेवफा से' जिसमे हीरो यश मिश्रा पहली बार एक एक्टर के साथ-साथ एक सिंगर के रूप में दर्शको के बीच आएंगे .

'दिल लगा के बेवफा से' इस एल्बम का निर्देशन करने के बाद देव पाण्डेय का कहना है की वह फिर से अपने काम पर लौट आये है और इस एल्बम की रिलीज़ के बाद २ बड़ी फिल्मो की शुरुवात करेंगे जिसमे एक फिल्म में हीरो होंगे पवन सिंह और दूसरे में खेसारी लाल यादव.देव पाण्डेय बहुत जल्द लहरें कंपनी के लिए एक बहुत ही बड़ी हिंदी एल्बम का निर्देशन करनेवाले है जिसके निर्माण का कार्य जोरो-शोरो से किया जा रहा है.देव पाण्डेय के अनुसार एल्बम 'दिल लगा के बेवफा से' उन्हें बहुत उम्मीद है क्योंकि यह एलबम काफी बड़े पैमाने पर बनाया गया है और काफी अच्छी और मनोरंजक एल्बम है जिसमे यश मिश्रा सहित अंजना मिश्रा,प्रियंका पंडित ,पायल सेठ ,राधे कुमार और श्रवण तिवारी ने बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया है जो दर्शको को काफी पसंद आएगी.

रानी चली मोरेसियस इंटरनेशनल अवार्ड में

     रानी चली मोरेसियस 

     भोजपुरी फिल्मो में पिछले 11 सालो में एक मात्र ऐसी अभिनेत्री है जो लगातार फिल्मे करती आ रही है और जो हमेशा सुर्ख़ियो में रहती है  और सभी की चहेती  बनी हुई है .उन्हें किसी परिचय की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि उनके नाम ही न सिर्फ रानी है बल्कि वह भोजपुरी इंडस्ट्री की रानी भी कहलाती है. आज हम बात कर रहे है रानी चटर्जी की जिन्होंने अपने अब तक के 11 साल फ़िल्मी करिअर में हर तरह का किरदार निभाया है ,बात चाहे किसी हीरो की तरह एक्शन और स्टंट करने की हो या चाहे एक संस्कारी बेटी बनने की रानी हर किरदार को अब तक निभा चुकी है और जिसे दर्शको ने काफी सराहा भी है.यही नहीं कई ऐसी फिल्मे भी है जो रानी के नाम पर ही बनाई जाती है और जो सुपरहिट तो होती है साथ ही साथ काफी तारीफे भी बटोरती है.
   अब तक 5 बार बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड अपने नाम करवा चुकी रानी को पहली बार हो रहे भोजपुरी इंटरनेशनल अवार्ड में उनके अब तक के लाजवाब सफर के लिए अवार्ड देकर सम्मानित किया जा रहा है.मोरेसियस में होने वाले पहले भोजपुरी अवार्ड समारोह में रानी को  पिछले 11 सालो से सबसे ज्यादा पॉपलुलर रहने के लिए  दिया जा रहा है.11 साल से लगातार फिल्म कर रानी ने एक रिकॉर्ड बनाया है.
  2003 में 'ससुरा बड़ा पैसा वाला' से अपने फ़िल्मी सफर की शुरुवात करनेवाली रानी की यह फिल्म ने एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की थी जिसका रिकॉर्ड आज तक कोई फिल्म नहीं तोड़ पायी है .रानी की फिल्मो में शुरुवात से अब तक का सफर सफलता पूर्वक रहा है और आगे भी दर्शको को रानी की सुपरहिट फिल्मे देखने को मिलेगी .रानी की बहुत जल्द फिल्म 'हिम्मतवाली,जानम,राजा लाइन पे आजा,इंडियन मदर ,जय मेहरारू जय ससुरारी प्रदर्शित की जाने वाली है.रानी मोरेसियस से लौटने के बाद निर्देशक दिनेश यादव के साथ अपनी आनेवाली फिल्म की शूटिंग लखनऊ में करेंगी


    

Thursday, 28 May 2015

काफी चर्चा में है प्रदीप पाण्डेय चिंटू की 'दुलारा'

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फिल्मे कई बनती है ,कई प्रदर्शित होती है पर जो फिल्म रिलीज़ के पहले ही इतनी चर्चा में हो उस फिल्म में जरूर ही कोई अनोखी बात होगी.आज हम बात कर रहे है भोजपुरी फिल्मो के सबसे चहिते हीरो प्रदीप पाण्डेय चिंटू की बहुत जल्द प्रदर्शित होने वाली फिल्म 'दुलारा' की जो आज-कल काफी चर्चा का विषय बना हुआ है .जब से इस फिल्म का फर्स्ट लुक जारी किया गया है तब से िल्म को देखने की उत्सुकता काफी बढ़ गयी है क्योंकि फिल्म के पोस्टर में चिंटू दोहरी भूमिका में नजर रहे है जिनमे से एक पुरुष है तो दूसरी नारी.
चलिए अब इस दोहरी भूमिका के बारे में भी बता देते है ,दरअसल यह फिल्म नौटंकी प्रथा पर बनी है जो काफी सालो पहले लोग मनोरंजन के लिए किया करते थे जिसमे आदमी ही औरतो के कपडे पहन कर नृत्य पेश किया करते थे ,पर आज-कल के मॉडर्न युग में नौटंकी कोई नहीं करता और इसी प्रथा को जिवंत किया है चिंटू ने अपने फिल्म 'दुलारा' में .हमेशा की तरह चिंटू इस फिल्म में भी अपने अभिनय द्वारा दर्शको का दिल जीतेंगे